पशुओं में लम्पी त्वचा रोग संक्रमण से बचाव के लिए किया जा रहा है टीकाकरण

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पशुपालकों को गांठदार त्वचा रोग से बचाव हेतु सावधानी बरतने की अपील
बेमेतरा 17 नवम्बर 2022-बेमेतरा जिले के बेरला विकासखण्ड के ग्राम कठिया में गौवंशीय पशुओं में लम्पी त्वचा रोग जैसे लक्षण दिखाई देने पर 10 अक्टूबर 2022 को 05 प्रभावित पशुओं के नमूने लिए गए एवं 12 अक्टूबर 2022 को 04 पशुओं के नमूने एकत्रित कर राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला भोपाल (निशाद) भेजा गया था। प्राप्त जाँच रिपोर्ट के अनुसार 10 अक्टूबर को भेजे गए 05 सैम्पल की रिपोर्ट निगेटिव एवं 12 अक्टूबर 2022 को भेजे गए 04 सैम्पल की रिपोर्ट पॉजिटिव प्राप्त हुई है। उल्लेखनीय है कि जाँच रिपोर्ट के अनुसार जिन पशुओं की पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त हुई है उनमें से किसी भी पशु की मृत्यु नहीं हुई है। अपितु 10 अक्टूबर 2022 को लिए गए सैम्पल जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है उसमें से 01 पशु की मृत्यु अन्य कारणों से हुई है।


पशुधन विकास विभाग के उप संचालक डॉ. राजेन्द्र भगत ने बताया कि जिले में एलएसडी हेतु 106100 गोटपॉक्स टीकाद्रव्य में से 59604 गोटपॉक्स टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 119000 टीकाद्रव्य शीघ्र ही उपलब्ध हो जाएगा। जिले की विभिन्न संस्थाओं में आने वाले सभी प्रजातियों के पशुओं का नियमित उपचार किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षात्मक  रूप से सर्वेक्षण, उपचार एवं टीकाकरण कार्य किया जा रहा है। लम्पी त्वचा रोग से बचाव हेतु पशुपालकों को सावधानी बरतने हेतु सुझाव दिए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि यह बीमारी मच्छरों, मक्खियों, किलनी, जूँ के माध्यम से फैलती है। इस बीमारी के मुख्य लक्षण पशुओं को बुखार आना एवं आँखों एवं नाक से स्राव होना, मुँह से लार निकलना, पूरे शरीर पर गाँठों जैसे नरम छाले पड़ना, दुग्ध उत्पादन में कमी, चारा एवं दाना खाने में कठिनाई इत्यादि है।

पशुपालकों को गांठदार त्वचा रोग (एलएसडी) से बचाव हेतु निम्नानुसार सावधानी बरतनी चाहिए-डॉ. भगत ने कहा कि पशुगृह से जुड़े सभी को स्वच्छता संबंधी सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए। स्वस्थ पशुओं एवं पशुगृह में नियमित जूँ-किलनी नाशक दवा का छिड़काव किया जावे। पशुगृह का नियमित निर्जन्तुकरण किया जावे, रोगग्रस्त पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखा जावे। जिन क्षेत्रों में गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं का पालन एक साथ किया जाता है वहाँ भैंसवशीय पशुओं को अलग रखा जावे। असामान्य बीमारी के लक्षण पाये जाने पर निकटस्थ पशु चिकित्सालय एवं पशु औषधालय में सूचना दी जानी चाहिए।

पशुधन विकास विभाग जिला बेमेतरा द्वारा पशुओं में लम्पी त्वचा रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु जिला स्तर पर एवं प्रत्येक विकासखण्ड में किसी भी विषम परिस्थिति में त्वरित कार्यवाही हेतु रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है इसके अतिरिक्त प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं का सर्वेक्षण उपचार एवं टीकाकरण हेतु डॉ. अनिल शुक्ला पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ विकासखण्ड बेरला एवं डॉ. सावित्री पटेल पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ मुख्य ग्राम योजना बेमेतरा के निर्देशन में 05 टीम (श्री सुभाष टण्डन, श्री के.आर देशमुख, श्री एल.के. नेताम, श्री एस.के. मण्डावी एवं श्री एस.आर टण्डन आदि सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी) गठित की गयी है। पशु चिकित्सा विभाग पशुपालकों से अपील करता है कि लम्पी त्वचा रोग जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल निकटस्थ पशु चिकित्सालय/पशु औषधालय को सूचना देवें। उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें बेमेतरा द्वारा बताया गया कि विभाग तत्परता से रोग से बचाव हेतु हर संभव प्रयास कर रहा है।

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