ओडिसा और छत्तीसगढ़ पोलिस तस्करी और नक्सली समस्या रोकने करेंगे संयुक्त प्रयास..

Today36garh

रायपुर : ओडिशा के डीजीपी अभय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा में नक्सली समस्या और मादक पदार्थों की तस्करी एक गंभीर मुद्दा है, जिसका हल दोनों राज्यों के समन्वय से ही संभव है।

उन्होंने खुशी जाहिर की कि छत्तीसगढ़ के डीजीपी अशोक जुनेजा ने पदभार संभालने के बाद कोआर्डिनेशन मीटिंग को लेकर गंभीरता दिखाई। वह मंगलवार को दोनों राज्यों के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इंटर स्टेट कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

डीजीपी जुनेजा ने कहा कि बस्तर रेंज में नक्सलियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले कुछवर्षों में छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने कई नक्सलियों को मार गिराया है। साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क निर्माण में बहुत प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नक्सल समस्या शीघ्र खत्म की जा सकती है। दोनों राज्यों की सीमा में बहुत से रिमोट इलाके हैं, जहां संचार सुविधा के लिए शीघ्र ही मोबाइल टावर लग जाएंगे।

उन्होंने दोनों राज्यों के बीच इंटेलीजेंस शेयरिंग, ज्वाइंट आपरेशन, ज्वाइंट इंटेरोगेशन पर जोर दिया। बैठक में दोनों राज्यों के मध्य मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर भी चर्चा की गई। जुनेजा ने ओडिशा की ओर से होने वाली गांजा तस्करी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गांजा तस्करी का रूट और खपत दोनों ही गंभीर समस्या है। इसके समाधान के लिए छत्तीसगढ़ के सभी सीमावर्ती जिलों में सीसीटीवी युक्त चेकपोस्ट बन रहा है।

बैठक में एडीजी नक्सल आपरेशन विवेकानंद सिन्हा, आइजी रायपुर, इंटेलीजेंस डा आनंद छावड़ा, आइजी सीआइडी एससी द्विवेदी, एआइजी यूबीएस चौहान मौजूद थे। इसके साथ ही दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों जिनमें छत्तीसगढ़ के रायगढ़, महासमुंद, जशपुर, बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर, सुकमा, धमतरी, गरियाबंद और ओडिशा के कोरापुट, नवरंगपुर, मलकानगिरी, कटक, नुआपाड़ा, भुवनेश्वर और राउरकेला के एसपी मौजूद थे।

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