खामोश हो गए युवा हृदय की धड़कन : कोई पद नहीं जिनका नाम ही सबसे बड़ी पहचान थी,अलविदा “युद्धवीर”

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रायपुर/जशपुर : भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक और ब्रेवरेज कार्पोरेशन के पूर्व अध्यक्ष युद्धवीर सिंह जुदेव नहीं रहे। वे भाजपा के कद्दावर नेता स्व. दिलीप सिंह जुदेव के राजनैतिक उत्तराधिकारी के रूप में जाने जाते थे। उनका लीवर ट्रांसप्लांट किया जाना था, लेकिन स्थिति अनियंत्रित होने की वजह से ट्रांसप्लांट नहीं किया जा सका।

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से युद्धवीर सिंह जूदेव लीवर के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे थे। हालत बिगड़ने पर पहले उन्हें दिल्ली के इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीवर एंड बिलिअरी साइंसेस में भर्ती किया गया था। बीते पखवाड़े से ज्यादा समय तक उनका इलाज किया गया। स्थिति में कुछ सुधार नहीं होने के बाद उन्हें बेंगलुरू के एस्टर हॉस्पिटल ले जाया गया था।

स्व.दिलीप सिंह जूदेव के बेटे युद्धवीर सिंह जूदेव चंद्रपुर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। पिछले दिनों दिल्ली में उपचार हेतु भर्ती रहने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय समेत कई आला नेताओं ने वहां जाकर सुध ली थी।

युद्धवीर सिंह जूदेव जशपुर राजघराने के छोटे बेटे थे। उन्होंने बैंगलोर अस्पताल में आज सुबह 4 बजे प्राण त्याग दिया। युद्धवीर, जिला पंचायत सदस्य से लेकर विधायक व संसदीय सचिव समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। युद्धवीर सिंह जूदेव, छत्तीसगढ़ के चंद्रपुर विधानसभा से 2 बार विधायक रह चुके हैं, युद्धवीर सिंह जूदेव जशपुर कुमार स्व. दिलीप दिलीप सिंह जूदेव के सबसे छोटे बेटे थे।

बेबाक बोल, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज के चलते युवाओं में थे लोकप्रिय
छत्तीसगढ़ की राजनीति, खासकर जशपुर रियासत के युवाओं के उनके निधन से बड़ा झटका लगा है। रियासत के ‘छोटू बाबा’ यानी युद्धवीर सिंह जूदेव के चाहने वाले युवाओं की एक बड़ी संख्या है। अपने बेबाक बोल के चलते युद्धवीर विपक्ष में रहते हुए भी वह हमेशा चर्चित रहे। हर बात दमदारी से उठाई। फिर चाहे भ्रष्टाचार ही क्यों न हो। इसके चलते वह युवाओं में बहुत जल्द ही लोकप्रिय हो गए। कठिन चुनौतियों के बाद भी उन्होंने अपनी विशेष पहचान बनाई थी।

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