बाइक चोरों ने खोली पुलिस की पोल , वर्दी वाले ही करा रहे थे वाहनों की चोरी … SSP बोले- शर्म की बात

Today36garh

रायपुर /लखनऊ(रोजनामचा) :   पुलिस वालों की लूट को अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि तीन वर्दी वालों ने खाकी पर दाग लगा दिया . फीरोजाबाद के पचोखरा में पकड़े गए चोरों ने जब पुलिस की पोल खोली तो कप्तान भी हैरान रह गए . बाइक चुराने वाले गैंग से तीन वर्दी वालों का गठजोड़ था . ये तीनों चोरी की बाइक लेकर बाजार में सौदा करते थे । थाने और पुलिस लाइन में तैनात दो सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है . वहीं एक सिपाही आगरा में तैनात है । पोल खुलने की भनक लगते ही जिले में तैनात दोनों पुलिस वाले फरार हो गए .

आरोपियों ने बताया कि इस पूरे काम में पचोखरा थाने में तैनात रहे आरक्षी दलवीर सिंह , आरक्षी सुरेन्द्र सिंह व इस समय तैनात आरक्षी प्रवीन से हमारा परिचय होने के कारण हम लोग लाभ का लालच देकर इनके माध्यम से मोटरसाइकिल बेचते थे । बाइक चोरी करने के बाद वह गाड़ियों के चेसिस नंबर तक बदल देते थे । जिससे गाड़ी बेचने में उन्हें आसानी हो जाती थी । पूछताछ में उन्होंने अपने नाम गौतम कुमार पुत्र राकेश कुमार निवासी देवखेड़ा , संतोष कुमार पुत्र स्व . चरन सिंह निवासी अम्बेडकर पार्क के सामने पचोखरा , राहुल कुमार पुत्र नौबत सिंह निवासी गली नम्बर 3 देवखेडा थाना पचोखरा और रजत कुमार पुत्र नौबत सिंह निवासी देवखेड़ा हैं

वाहन चोरों और सिपाहियों में गठजोड़ प्लानिंग के तहत काम करता था । चोरी की गई बाइक सिपाहियों तक पहुंचा दी जाती थी । इसके बाद सिपाही कुछ दिन तक बाइक चलाते थे । इसके बाद बाजार में सौदा कर दिया जाता था । पुलिस वाले की बाइक होने के कारण खरीदार शक नहीं करता था । पुलिस वाले एक बाइक के तीन से चार हजार रुपये चोरों को देते थे । अब तक कई बाइक इस तरह बेची गई हैं । जिले के अलग – अलग क्षेत्रों से बाइक चुराते थे । एसएसपी अशोक कुमार शुक्ला ने बताया कि बाइक चोरी के मामले में अपराधियों को पचोखरा थाने में तैनात रहे आरक्षी दलवीर , सुरेंद्र सिंह और वर्तमान में तैनात आरक्षी प्रवीण कुमार का पूरा सहयोग मिलता रहा . यह तीनों सिपाही न सिर्फ चोरी की मोटरसाइकिल खरीदते थे बल्कि मदद भी करते थे

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