टाइम पत्रिका की 100 ‘ सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में PM मोदी , ममता,मुल्ला बरादर

Today36garh

रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला उन कुछ भारतीयों में शामिल हैं, जिन्हें टाइम पत्रिका की ‘2021 के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों’ की सूची में शामिल किया है।

टाइम ने बुधवार को 2021 के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की अपनी वार्षिक सूची का खुलासा किया। नेताओं की इस वैश्विक सूची में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, प्रिंस हैरी और मेगन और डोनाल्ड ट्रंप शामिल हैं।

बीते साल भी टाइम ने दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जगह दी थी। बीते साल इस लिस्ट में शामिल भारतीय लोगों में बॉलीवुड एक्‍टर आयुष्‍मान खुराना , गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, एचआईवी पर रिसर्च करने वाले रविंदर गुप्‍ता और शाहीन बाग धरने में शामिल बिल्किस दादी का भी नाम शामिल था। मैगजीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची को सबसे शक्तिशाली और भरोसेमंद सूचियों में से एक माना जाता है। प्रत्येक व्यक्ति को मैगजीन के संपादकों द्वारा उनके असाधारण कार्य के लिए चुना जाता है।

मुल्ला अब्दुल गनी बरादर भी सूची में शामिल

तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर भी सूची में शामिल हैं। तालिबान को अफगानिस्तान में फिर से सत्ता पर काबिज करने में मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने अहम भूमिका निभाई है। बरदार को तालिबान के भीतर एक अधिक उदारवादी धारा का प्रतिनिधि के तौर पर देखा जाता है। हाल में अफगानिस्तान में गठित हुए सरकार में बरदार को डिप्टी प्रधानमंत्री बनाया गया है।

2020 में टाइम मैग्जीन ने एक आर्टिकल में पीएम मोदी की तारीफ भी की थी। मैग्जीन ने ‘मोदी हैज यूनाइटेड इंडिया लाइक नो प्राइम मिनिस्टर इन डेकेड्स’ यानी ‘मोदी ने भारत को इस तरह एकजुट किया है जितना दशकों में किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया’ शीर्षक से बड़ा आर्टिकल छापा था। सीएएन पत्रकार फरीद जकारिया ने पीएम मोदी के बारे में लिखा है। उन्होंने लिखा कि, जब वे चुने गए, तो कई लोगों का मानना था कि मोदी अंततः भारत को उसके समाजवादी अतीत से हटाकर एक पूंजीवादी भविष्य की ओर ले जाएंगे। उन्होंने उसमें से कुछ किया है, लेकिन अधिक दृढ़ संकल्प के साथ, उन्होंने देश को धर्मनिरपेक्षता से और हिंदू राष्ट्रवाद की ओर धकेल दिया है।

ममता बनर्जी के बारे जर्नालिस्ट बरखा दत्त ने लिखा कि, 2 मई को, वह नरेंद्र मोदी की विस्तारवादी महत्वाकांक्षा के खिलाफ एक किले की तरह खड़ी थी, जो एक अजेय प्रधान मंत्री थे, जब उन्होंने राज्य के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री की अपनी भूमिका को बरकरार रखा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here