केंद्र सरकार संसद में बिल लाकर गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दे :इलाहाबाद हाईकोर्ट

*जब गायों का कल्याण होगा , तभी देश का कल्याण होगा । गाय भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा:हाईकोर्ट

Today36garh

इलाहाबाद (एजेंसी):गाय को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है । कोर्ट ने कहा है कि गोरक्षा को किसी भी धर्म से जोड़ने की जरूरत नहीं है । गाय को अब राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए । केंद्र सरकार को इस पर विचार करने की जरूरत है । हाईकोर्ट ने अपने सुझाव में कहा कि केंद्र सरकार संसद में बिल लाकर गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दे । हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है कि जब गायों का कल्याण होगा , तभी देश का कल्याण होगा । गाय भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है । संसद जो भी कानून बनाए , सरकार उस पर सख्ती से अमल कराए ।

बुधवार को जावेद नाम के शख्स की याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस शेखर कुमार यादव ने ये टिप्पणी की है । जावेद पर गोहत्या रोकथाम अधिनियम की धारा 3 , 5 और के तहत आरोप हैं । कोर्ट ने याचिकाकर्ता की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि गोरक्षा सिर्फ किसी एक धर्म की जिम्मेदारी नहीं है । गाय इस देश की संस्कृति है और इसकी सुरक्षा हर किसी की जिम्मेदारी है । फिर चाहे आप किसी भी धर्म से ताल्लुक क्यों ना रखते हों ।

हाईकोर्ट की 7 बड़ी बातें

1. मौलिक अधिकार केवल गोमांस खाने वालों का ही नहीं है , बल्कि जो गाय की पूजा करते हैं और आर्थिक रूप से गायों पर निर्भर हैं , उनके पास भी है ।

2. जीवन का अधिकार मारने के अधिकार से ऊपर है और गोमांस खाने के अधिकार को कभी भी मौलिक अधिकार नहीं माना जा सकता है ।

3. गाय बूढ़ी और बीमार होने पर भी उपयोगी है । उसका गोबर और मूत्र कृषि , दवा बनाने के काम आता है।

4. ऐसा नहीं है कि केवल हिंदू ही गायों के महत्व को समझ चुके हैं , मुसलमानों ने भी गाय को भारत की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना है ।

5. पांच मुस्लिम शासकों ने गायों के वध पर प्रतिबंध लगा दिया था । बाबर , हुमायूं और अकबर ने भी अपने धार्मिक त्योहारों में गायों की बलि पर रोक लगा दी थी ।

6. ऐसे कई उदाहरण हैं , जहां गोशाला में गायों की भूख और बीमारी से मौत हो जाती है । उन्हें गंदगी के बीच रखा जाता है । वो पॉलीथीन खाकर मर जाती हैं ।

7. पूरी दुनिया में भारत ही एक ऐसा देश है , जहां अलग – अलग धर्मों के लोग रहते हैं , जो अलग – अलग तरह से पूजा करते हैं , लेकिन उनकी सोच एक ही है । देश की तरक्की भी अधरी रह जाएगी।

देश की तरक्की भी अधूरी रह जाएगी

जस्टिस शेखर कुमार यादव ने ये फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकार को अब संसद में एक बिल लाना चाहिए । गाय को भी मूल अधिकार मिलने चाहिए । समय आ गया है कि अब गाय को एक राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए । जो भी गाय को परेशान करते हैं , उन्हें नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं , उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए । जज ने जोर देकर कहा है कि जब तक देश में गायों को सुरक्षित नहीं किया जाएगा , देश की तरक्की अधूरी रहेगी ।जस्टिस शेखर कुमार यादव ने तर्क दिया कि भारत ही एक ऐसा देश है , जहां पर विभिन्न धर्मों के लोग साथ रहते हैं । हर कोई अलग पूजा करता है , लेकिन फिर भी सभी की देश के प्रति एक सोच दिखती है । ऐसे में कोर्ट ने याचिकाकर्ता की याचिका खारिज करते हुए कहा है कि कुछ लोग ऐसे अपराध कर देश को कमजोर करने का प्रयास करते हैं । उनके विचार देश हित में नहीं होते हैं ।

क्या था मामला?

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाय की हत्या के आरोपी जावेद को जमानत देने से इनकार कर दिया । जस्टिस शेखर यादव की खंडपीठ ने कहा कि आवेदक ने गाय चुराने के बाद उसे मार डाला था , उसका सिर काट दिया था और उसका मांस भी रखा था । आवेदक का यह पहला अपराध नहीं है , इस अपराध से पहले भी उसने गोहत्या की थी जिससे सौहार्द बिगड़ गया था।

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