विधायक बृहस्पद की मुश्किलें बढ़ी:पीड़ित अधिकारी ने मांगी FIR दर्ज करवाने की अनुमति

रायपुर: डिप्टी कलेक्टर से कथित तौर पर गाली – गलौज मामले में रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही है । उक्त मामले में डिप्टी कलेक्टर प्रफुल्ल रजक ने बृहस्पद सिंग द्वारा वीडियो में खुद की आवाज न होने का दावा करने के बाद कमिश्नर को पत्र लिखकर FIR कराने की अनुमति मांगी है ।विदित हो कि विद्यायक ने अधिकारी पर यह भी आरोप लगाया था कि इस षडयंत्र में वो अधिकारी भी शामिल है।

क्या है पत्र में

2 पेज अपने अपने पत्र में विधायक के व्यवहार और गालियों से आहत बताया है । उन्होने पत्र में लिखा है कि लोक सेवक के रूप में उन्होंने कलेक्टर के निर्देश का पालन किया , जसे लेकर उन्हें गालियां दी गयी । पत्र में डिप्टी कलेक्टर प्रफुल्ल रजक ने अपने पत्र में लिखा है कि एक प्रशासनिक पद पर रहते हुए लोक सेवा करने के एवज में मुझे अपमानित किया गया , इस मानसिक पीड़ा से मैं असहज महसूस कर रहा हूँ।और कमिश्नर से इस मामले में FIR दर्ज करवाने की अनुमति की मांग की है।

क्या कहा विधायक ने
इससे पहले विधायक बृहस्पत सिंह ने पूरे मामले में अपनी सफाई देते हुए कहा था कि आडियो में उनकी आवाज नहीं है , बल्कि उनके खिलाफ साजिश की जा रहीहै । साजिश में विपक्षी और उनकी पार्टी के लोग भी है । यही नहीं शिकायत दर्ज कराने वाले डिप्टी कलेक्टर को भी उन्होंने साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था ।

मामला संक्षिप्त में

दलको झील में मछली पालन के आवंटन पट्टा से जुड़ा है । कलेक्टर कोर्ट के निर्देश के बाद डिप्टी कलेक्टर ने 10 साल के लिए गंगा मछुआ समिति को पट्टा आवंटित किये जाने का आदेश दिया गया । इस मामले में 2019 से विवाद चल रहा था । विरोधी पक्ष की दावेदारी से बीच जब पूर्व के तर्ज पर गंगा मछुआ सहकारी समिति के लिए मछलीपालन का आवंटन पट्टा जारी किया गया तो नाराज विधायक बृहस्पति सिंह ने डिप्टी कलेक्टर को फोन लगाकर कथित तौर पर गाली – गलौज देना शुरू कर दिया।

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