वेदांता एल्युमीनियम बनी भारत की सबसे बड़ी ग्रीन पावर खरीदार

कम्पनी ने वित्त वर्ष 22 में आईईएक्स ग्रीन-टर्म अहेड मार्केट के जरिये खरीदी 35.4 करोड़ यूनिट अक्षय ऊर्जा

Today36garh

3 अगस्त, 2021 : भारत में एल्युमीनियम एवं इसके वैल्यू एडेड उत्पादों की सबसे बड़ी उत्पादक वेदांता एल्युमीनियम बिजनेस भारत में वित्त वर्ष 21-22 की पहली तिमाही में इंडियन एनर्जी एक्सचेंज लिमिटेड (आईईएक्स) प्लेटफॉर्म के ग्रीन मार्केट से सबसे ज्यादा अक्षय ऊर्जा खरीदने वाली कंपनी बन गई है। ओडिशा के झारसुगुड़ा में अपने सबसे बड़े इंटीग्रेटेड एल्युमीनियम उत्पादन संयंत्र के लिए वेदांता ने आईईएक्स पर ग्रीन टर्म-अहेड मार्केट (जीटीएएम) के माध्यम से सोलर एवं नॉन सोलर ऊर्जा की 35.4 करोड़ यूनिट की खरीद की है।

आईईएक्सएक प्रीमियर एनर्जी मार्केटप्लेस है और देश में सबसे बड़ा पावर एक्सचेंज है।पिछले साल आईईएक्सद्वारा पेश किया गया जीटीएएमखरीदारों को सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी और लचीले तरीके से ग्रीन एनर्जी प्राप्त करने में मदद करता है। एक्सचेंज से ग्रीन एनर्जी की खरीद ने वेदांताजैसी कंपनियों और उद्योगको ‘ग्रीन’वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स का उत्पादन करते हुए अपने कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम बनाया है। वित्त वर्ष 22 की पहली तिमाही में वेदांता एल्युमीनियम की ग्रीन पावर यूनिट्स की खरीद आईईएक्स पर ट्रेड किए गए कुल ग्रीन पावर के 35 प्रतिशत से अधिक है।

वेदांता एल्युमीनियम का ऊर्जा प्रबंधन दो-आयामी रणनीति के माध्यम से प्रकट होता है –जिसमें उत्कृष्ट ऊर्जा प्रबंधन के लिए परिसंपत्तियों व प्रक्रियाओं की उच्चतम दक्षता प्राप्त करने पर फोकसऔर कार्बन न्यूट्रलिटी की दिशा में एक रोडमैप जिसमें ग्रीन एनर्जी खपत की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिएव्यावहारिक एनर्जी मिक्स को अपनाना शामिल है। इस मामले में, वेदांताएल्युमीनियम ने सोसाइटी ऑफ एनर्जी इंजीनियर्स एंड मैनेजर्स (एसईईएम) नेशनल एनर्जी मैनेजमेंट अवार्ड्स 2020 में अपने एल्युमीनियम स्मेल्टर्स 1व2और झारसुगुड़ा में कैप्टिव पावर प्लांट द्वारा उत्कृष्ट ऊर्जा प्रदर्शन के लिए तीन स्वर्ण पदक भी जीते हैं। झारसुगुड़ा में वेदांता के स्मेल्टर- 1और लांजीगढ़ में एलुमिना रिफाइनरी को भी भारत सरकार के ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) द्वारा प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार 2020 (एनईसीए 2020) में ‘प्रथम पुरस्कार’ मिला है। एलुमिना रिफाइनरी एक ऐसा संयंत्र है जहां बॉक्साइट (एल्युमीनियम का अयस्क) से एल्युमीनियम ऑक्साइड या एलुमिना का उत्पादन किया जाता है और एलुमिना स्मेल्टर एक ऐसा संयंत्र है, जहां इलेक्ट्रोलिटिक रिडक्शन की प्रक्रिया के जरिये एलुमिना से शुद्ध एल्युमीनियम का उत्पादन किया जाता है।

कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रति वेदांता के दृष्टिकोण के बारे मेंश्री राहुल शर्मा, सीईओ – वेदांता एल्युमीनियम बिजनेस ने कहा, ‘सस्टेनेबिलिटी की दिशा में हमारे कदम जलवायु पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए डिजाइन किए गए हैं, जो पूरी तरह से पेरिस समझौते और भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत नेशनली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन (एनडीसी) के अनुरूप हैं। इसके लिए, हमारे प्रयास ऊर्जा प्रबंधन में वैश्विक स्तर पर सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को अपनाने और हमारे कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए उन्नत तकनीकों को लागू करने की दिशा में हैं। हमारी लंबी अवधि की रणनीति ग्रीन एल्युमीनियम का उत्पादन करने के लिए जीवाश्म ईंधन से अक्षय ऊर्जा की ओर धीरे-धीरे बदलाव के साथ कम कार्बन उत्सर्जन वाले एनर्जी मिक्स की ओर बढ़ने पर केंद्रित है।’

वेदांता एल्युमीनियम के हरित ऊर्जा प्रबंधन की सराहना करते हुएश्री रोहित बजाज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और हेड-बिजनेस डेवलपमेंट, आईईएक्सने कहा, ‘आईईएक्स मेंहमारा निरंतर ध्यान एक ग्राहक केंद्रित ऊर्जा बाजार के निर्माण पर रहा है जो भारत को एक सस्टेनेबल एवं इफिशिएंट एनर्जी इकोनॉमी बनाने की दिशा में इनोवेशन और प्रौद्योगिकी के लाभ उठाने पर आधारित है। ग्रीन टर्म-अहेड मार्केट विभिन्न सहभागियों को सुगम तरीके से सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर डिलीवरी बेस्ड सौर और गैर-सौर अक्षय ऊर्जा में व्यापार करने का अवसर प्रदान करता है। इस मार्केट सेग्मेंट को शुरू हुए एक वर्ष से अधिक समय हो गया हैऔर इसे उद्योगों, विशेष रूप से ऊर्जा का व्यापक प्रयोग करने वाले उद्योगों व डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है।आईईएक्स ग्रीन मार्केट में अग्रणी भागीदार होने के लिए वेदांता एल्युमीनियम बिजनेस को बधाई देता है और ग्रीन एनर्जी खरीद को बढ़ाने व कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर उद्योग को प्रेरित करने के प्रयासों की सराहना करता है। हमारा मानना है कि उद्योग और हमारे देश के लिए एक सस्टेनेबल एनर्जी फ्यूचर के निर्माण में इंडिया इंक की महत्वपूर्ण भूमिका है।’

वेदांता एल्युमीनियमका संचालन क्लाइमेट रिलेटेड फाइनेंशियल डिस्क्लोजर (टीसीएफडी) पर टास्क फोर्स द्वारा की गई सिफारिशों के अनुरूप हैं। वेदांताएल्युमीनियम की व्यावसायिक इकाइयां हमेशा ऊर्जा दक्षता और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में अग्रणी रही हैं। कुछ उल्लेखनीय पहल और हाइलाइट्स:

· वेदांता एल्युमीनियम ने 2012 के आधार वर्ष की तुलना में जीएचजी उत्सर्जन को 21 प्रतिशत तक कम किया है और 2025 तक इसे इस आधार वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य है।

· वेदांता के कैप्टिव एसेट्स में वित्त वर्ष 20 और वित्त वर्ष 21 के बीच अप्रत्यक्ष ऊर्जा उपभोग को 20 लाख गीगा जूल (जीजे) कम किया गया।

· सभी बिजनेस यूनिट में जलवायु संरक्षण की दिशा में उठाए गए कदमों से वित्त वर्ष 20-21 में 14 लाख गीगा जूल ऊर्जा संरक्षण और 3.2 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड के बराबर जीएचजी संरक्षण संभव हुआ है।

· झारसुगुड़ा में वेदांता का एल्युमीनियम स्मेल्टर भारत का पहला और दुनिया का तीसरा ऐसा स्मेल्टर है, जहां डिजिटल स्मेल्टर सॉल्यूशन है, जिसमें डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजीका प्रयोग करते हुए ऊर्जा दक्षता सुनिश्चित की जाती है।

· झारसुगुड़ा स्मेल्टर को 2013 से एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम के लिए आईएसओ 50001 सर्टिफिकेट मिला हुआ है और यह एशिया का ऐसा पहला एल्युमीनियम स्मेल्टर है।

· छत्तीसगढ़ में वेदांता की अनुषंगी कंपनी भारत एल्युमीनियम कंपनी (बाल्को) ने 2020 में अपने पॉटलाइन-1 में न्यूनतम स्पेशिफिक पावर कंजम्प्शन का स्तर हासिल किया थाऔर भारत एवं खाड़ी देशों के एल्युमीनियम स्मेल्टर्स के लिए एक मानक स्थापित किया था। पॉटलाइन किसी स्मेल्टर में बनी लंबी बिल्डिंग या कई बिल्डिंग का समूह होता है, जिसमें कई पॉट या बड़े इलेक्ट्रोलिटिक सेल होते हैं, जहां एल्युमीनियम की स्मेल्टिंग की प्रक्रिया पूरी होती है।

· वेदांता का कार्बन फोरम कार्बन उत्सर्जन कम करने के कंपनी के प्रयासों को क्रियान्वित करने की दिशा में सक्रियता से कम कर रहा है।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में वेदांता लिमिटेड की इकाई वेदांता एल्युमीनियम बिजनेस भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक है। वित्त वर्ष 2020-21 में 19.6 लाख टन सालाना (एमटीपीए) की क्षमता के साथ कंपनी ने भारत के कुल एल्युमीनियम का लगभग आधा हिस्सा उत्पादित किया। यह मूल्य वर्धित एल्युमीनियम उत्पादों के मामले में अग्रणी है, इन उत्पादों का प्रयोग कई अहम उद्योगों में किया जाता है। देशभर में अपने विश्वस्तरीय स्मेल्टर्स, एलुमिना रिफाइनरी और पावर प्लांट्स के साथ कंपनी एक हरित कल के लिए विभिन्न कार्यों में एल्युमीनियम के प्रयोग को बढ़ावा देने और इसे ‘मेटल ऑफ द फ्यूचर’ के रूप में पेश करने के अपने मिशन को पूरा करती है।

 

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