भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर टूलकिट बनाया गया था-कांग्रेस

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*धर्मांतरण का विवाद भाजपा की साजिश*

*15 साल धर्मांतरण को बढ़ावा दिया अब राजनीति कर रहे*

रायपुर/05 जनवरी 2023। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा एक सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण के विषय को उठा कर राज्य की फिजा खराब करने की कोशिश में लगी है। भाजपा की नवंबर 2021 में हुई राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में छत्तीसगढ़ में धर्मांतर के मुद्दे को उठाने की रणनीति बनी थी तथा उसका टूल किट तैयार किया गया था। भाजपा उसी के तहत राज्य में धर्मातरण के विषय पर सांप्रदायिक तनाव पैदा कर रही है। छत्तीसगढ़ विशेषकर बस्तर में धर्मांतरण को लेकर जो विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है उसके पीछे भाजपा का षड़यंत्र और पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की अदूरदर्शिता है। भारतीय जनता पार्टी के 15 सालों में छत्तीसगढ़ धर्मांतरण का केंद्र बन गया था। बस्तर के कुछ क्षेत्रों में जो स्थितियां पैदा हुई है उसके पीछे 15 सालो तक चली गतिविधियां जिम्मेदार है जिसको रोकने की दिशा में भाजपा की रमन सरकार ने कभी ध्यान नहीं दिया। तब धर्मांतरण की गतिविधियों को संचालित करने वालों का दखल तत्कालीन सीएम हाउस तक था, राज्य सरकार उनके प्रति नर्म सख्त अख्तियार किये हुये थी 2004 से 2018 तक बस्तर में अधिकांश चर्च बने। भाजपा के नेता मंत्री प्रार्थना सभाओं में शामिल हुआ करते थे। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 98 प्रतिशत चर्च भाजपा के रमन राज में बने। क्रोनोलॉजी समझिये अपने शासनकाल में धर्मांतरण करवाया तब भाजपा मौन थी आज भारतीय जनता पार्टी के नेता धर्मांतरण पर बयानबाजी कर प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश में लगे है। भाजपा के पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष दंगे कर रहे है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि धर्मांतरण के पहले सांप्रदायिकता के मुद्दे पर राज्य की फिजा खराब करने की कोशिश कवर्धा में दंगा फैला कर की गयी लेकिन राज्य की जनता की सजगता से उसमें सफल नहीं हो पाये तो धर्मांतरण पर नया पैंतरा आजमाने की रणनीति भाजपा ने बनाई है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू है कहीं पर भी यदि धर्मांतरण की शिकायत मिलती है उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी यह घोषणा अनेकों बार किया है कि कहीं भी कोई भी जबरिया धर्मांतरण जैसी गतिविधि में शामिल है तो उसके खिलाफ थानों में शिकायत आने पर सख्त कार्यवाही जरूर होंगी।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आदिवासी समाज के हितों की रक्षा करने तथा आदिवासी संस्कृति को संवर्धित करने के लिये कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद लगातार आदिवासी समाज के हित में फैसले लिये गये है। देवगुड़ी और घोटुल जैसी महान आदिवासी परंपराओं को सरकारी तौर पर मान्यता दी गयी है, 19 वर्षो से जेलो में बंद आदिवासी की रिहाई के लिये पटनायक कमेटी बनाया गया है। आदिवासी समाज के शैक्षणिक और आर्थिक तथा सामाजिक और संवैधानिक हितों की रक्षा करने के लिये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार पूरी तरह सजग है। आदिवासी संस्कृति पर कोई भी आंच कांग्रेस की सरकार नहीं आने देगी।

 

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